ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
ज़िन्दगी उसी से बस खुशगवार थोड़ी हैं
July 24, 2020 • ✍️आयुष गुप्ता • गीत/गजल

✍️आयुष गुप्ता

ज़िन्दगी उसी से बस खुशगवार थोड़ी हैं
प्यार हैं मुझे लेकिन बेशुमार थोड़ी हैं
 
हाँ, कहा मिलेंगे फिर बिछड़ते समय उसने
बात पर मुझे उसकी एतबार थोड़ी हैं
 
नींद रात में, दिन में चैन हैं मगर फिर भी
साथ था तिरे जो वैसा करार थोड़ी हैं
 
कुछ उदास तो हूँ मैं भी अभी तलक लेकिन
शक्ल पर सनम की भी अब ख़ुमार थोड़ी हैं
 
फूल आ गए हैं कुछ डाल पर अभी 
दौर-ए-खिजाँ हैं कोई बहार थोड़ी हैं
 

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw