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विक्रम विश्वविद्यालय में आधारशिला दिवस पर आयोजन सम्पन्न
October 17, 2019 • admin
उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय का आधारशिला दिवस कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तदनुसार 17 अक्टूबर, 2019 को मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक परिसर 'माधव भवन' परिसर स्थित सम्राट विक्रमादित्य के मूर्ति शिल्प पर वैदिक मंत्रोच्चारपूर्वक पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यपरिषद कक्ष में विक्रमादित्य एवं उनके नवरत्नों के चित्रों तथा शलाका दीर्घा में विश्वविद्यालय के शलाका पुरुषों की चित्रावली पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यपरिषद कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा ने उपस्थित जनों को शुभकामना देते हुए कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय की स्थापना देश की प्राचीनतम विद्याभूमि उज्जयिनी में करने के लिये स्वाधीनता आंदोलन के साथ ही प्रयास प्रारम्भ हो गये थे। ये प्रयास आजादी मिलने के बाद सन् 1956 में साकार हुए। इस अवसर पर कुलपति ने विक्रम विश्वविद्यालय परिवार को विश्वविद्यालय के विकास एवं ऐतिहासिक गौरव को प्रतिष्ठित करने के लिये आह्वान किया। 

 सम्राट विक्रमादित्य के मूर्ति शिल्प, विक्रमादित्य एवं उनके नवरत्नों और शलाका पुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में  कुलसचिव डाँ. डी.के. बग्गा, पूर्व डीएसडब्ल्यू डॉ राकेश ढंड, डीसीडीसी प्रो. देवेंद्र मोहन कुमावत, कुलानुशासक प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, डीएसडब्ल्यू डॉ रामकुमार अहिरवार,  डॉ अनिल जैन, डॉ उमेशकुमार सिंह, डॉ डी डी बेदिया, डॉ धर्मेंद्र मेहता, डॉ आर के बघेल, डॉ कमलेश दशोरा, डॉ स्वाति दुबे, डॉ रूबल वर्मा, डॉ राजेश टेलर, डॉ गणपत अहिरवार, श्री विपुल मईवाल, आदि सहित अनेक शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण शामिल थे। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन डॉ महेंद्र पंड्या एवं पं गोपालकृष्ण शुक्ल ने करवाया। 

उल्लेखनीय है कि युगों-युगों से उज्जैन शिक्षा प्राप्त करने को उत्कंठित विद्यार्थियों को आकर्षित करता आ रहा है। इसी दृष्टि से आजादी के आंदोलन के समानांतर उज्जैन में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये वातावरण बनने लगा था, जिसमें इस अंचल के अनेक बुद्धिजीवी और गणमान्यजन की अविस्मरणीय भूमिका रही है। आजादी मिलने के बाद यह सपना साकार हुआ और कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, विक्रम संवत 2013 तदनुसार 23 अक्टूबर, 1956 को विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई थी। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय का आधारशिला दिवस मनाया जाता है।

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