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स्वच्छ नदी सुन्दर शहर,पाॅलिथिन ने ढाया कहर
February 6, 2020 • सुनील कुमार माथुर  • लेख
 
*सुनील कुमार माथुर 
देश को स्वच्छ व कचरा मुक्त रखना हम सब का दायित्व है इस कार्य में सबकी भागीदारी जरूरी है अतः इस कार्य को मात्र नगर पालिका व नगर निगम के भरोसे छोडना उचित नहीं है । गली , मौहल्ला  , गांव एवं शहर स्वच्छ व सुन्दर होगा तभी तो देश आगे बढेगा ।  अतः शहर को स्वच्छ व सुन्दर बनाये रखने के लिए आम नागरिकों से अपेक्षाएं की जाती है कि वे कूडा कचरा घर घर कचरा संग्रहण योजना हेतु सभी नागरिक अपने घर स प्रतिष्ठान  , होटल , ढाबे आदि स्थानों पर कचरा पात्र आवश्यक रूप से रखे तथा एकत्रित कचरा संग्रहण हेतु लगे आॅटो ट्रीपर में प्रतिदिन डालकर अपने नगर को स्वच्छ रखें ।
          इसी प्रकार सडक व नाला नालियों में गन्दगी  , मल , अपशिष्ट प्रदार्थ व प्लास्टिक निर्मित कचरा नहीं डालें । चाय चाट नमकीन  , ज्यूस व अन्य खाध सामग्री पदार्थ विक्रेता अपने प्रतिष्ठान विक्रय स्थल पर प्लास्टिक निर्मित सामग्री को प्रयोग मे नहीं लायें एवं कप प्लेट्स गिलास आदि डालने हेतु कचरा पात्र आवश्यक रूप लगाकर रखें एवं एकत्रित कचरा पालिका व निगम द्धारा संचालित घर घर कचरा संग्रहण वाले आॅटो ट्रीपर में ही डालें । 
      खुले में शौच नही करे एवं अपने घर में स्वच्छ शौचालय का निर्माण आवश्यक रूप से करावे । आम सडक , नाला नालियों पर अतिक्रमण कर अवरोध उत्पन्न न करें ताकि सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से की जा सके । अपने रोजमर्रा जीवन में पाॅलिथिन का त्याग करें व प्लास्टिक से होने वाले नुकसान से बचें । पाॅलिथिन की थैली के बजाय कपडे , जूट एवं कागज के थैले थैलियों का उपयोग करें । यह नगर आपका अपना है इसे स्वच्छ व सुन्दर बनाये रखने में अपना सहयोग प्रदान करें । 
      नीले कूड़ेदान में डालने वाली वस्तुएं  :  अखबार   पत्रिका  , स्टेशनरी , गते के बक्से , पिज्जा के बक्से, पेपर कप व प्लेटस , टेट्रापेक्स  , प्लास्टिक  : प्लास्टिक कवर , बोतले , बक्से , चिप्स टाॅफी के रेपर , प्लास्टिक के कष , दूध दही के पैकेट । अन्य सूखा कचरा  ; रबड , थर्माकाॅल , पुराने कपडे , डस्टर्स , स्पंज , प्रसाधन सामग्री  , सिरेमिक , लकडी के टुकड़े   बाल । 
         हरे कूडेदान में डालने वाली वस्तुएं  : सब्जियां  , फलों के छिलके , पका हुआ , बचा हुआ भोजन , अंडे के छिलके  सडे फल व सब्जियां  , गंदा टिशू पेपर , चाय बैग , पते के प्लेटस , नारियल के खोल , गिरी हुई पतियाँ, पूजा के फूल ।
       लाल कूड़ेदान में डालने वाली वस्तुएं  : सैनिटरी कचरा , तेजधार व निष्क्रिय पदार्थ  जैसे डायपर , सैनेटरी नैपकिन व टिशू पेपर , पट्टियां, नाखून व झाडू की धूल , समय सीमा समाप्त दवाइएं ( कोई रद्दी पेपर में लपेटा जाना चाहिए)
रेजर प्रयोग मे लाई हुई सीरंज ब्लेड , इंजेक्शन की शीशी / बोतल व टूटे कांच  (  कोई रद्दी पेपर में पैक करके अलग से सौपे केवल कम मात्रा में ही  ) । 
        प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग न करे । स्वच्छ नदी सुन्दर शहर, पालिथिन ने ढाया कहर । पाॅलिथिन की सस्ती थैली  , पर्यावरण को करती मैली 
  हम संकल्प करे कि स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत सम्पूर्ण भारत को स्वच्छ व सुन्दर बनाने हेतु हम अपनी सक्रिय भागीदारी निभायेंगे एवं अपने रिश्तेदारो , भित्रगण आदि को भी अषने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखने के लिए प्रेरित करेंगे ।
 
*सुनील कुमार माथुर 
 जोधपुर राजस्थान 
 
 
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