ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
सुख से मौन गांधी
October 1, 2020 • ✍️प्रेम बजाज • कविता
✍️प्रेम बजाज
दु:ख से दूर
सुख से मौन गांधी , 
भारत की
आन,बान और शान गांधी ।
इतिहास गवाह है
था स्वार्थ, शोषण 
और निर्लज्जता का दौर ।
खा रहे थे राष्ट्र को घुन  की मानिंद
तब आया बाजों का बाज़ ,
नीरवता की आवाज़ गांधी  ।
मांस हीन , रक्त हीन
केवल अस्थि शेष ,शुद्ध आत्मा , 
ना शत्रुता ज्ञान - विज्ञान से
सबको पढ़ाया मानवता का पाठ ।
जग चाहे बना बैरी
बापू को ना बैर किसी से , 
साध्वता से जीता दुश्मन
जग हारा ,वो जीता जग से ।
दुबला - पतला
पढ़ा - लिखा एक वीर जवान ,
ना तन पे कपड़ा ,ना पेट में रोटी
लपेटे केवल धोती ,
ले कर हाथ में सोटी ,
चला था शान्ति का पाठ पढ़ाता
देश को आज़ादी की ओर बढ़ाता
गौरों की काली करतूतों का 
कालापन दिखलाता
मौन से सत्याग्रह चलाता ।
होम दिया खुद को क्षमा
प्यार और शांति का बीज बोने में  
आओ सींचे इस बीज को
बापू का सपना साकार बनाएं ।
हां वो बापू ही था
जिसने ब्रिटिश ध्वज  हटाया 
भारत का तिरंगा लहराया ।
 
*जगाधरी ( यमुनानगर ) 
 

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब हमारे वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw