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August 3, 2020 • ✍️मीरा सिंह 'मीरा' • कहानी/लघुकथा
✍️मीरा सिंह 'मीरा'
भाई-- "दीदी, दीदी, देख ना। क्या लाया हूँ? सात वर्षीय भाई अपनी दस वर्षीय बहन से जिद करने लगा।वह पढ़ाई कर रही थी।इसलिए कुछ नहीं बोली। भाई दुबारा बोला "दीदी, इधर देख न। देख तो मैं तेरे लिए क्या लाया हूं?"इस पर बहन झुंझला गई ।
"ओ हो,क्या मुसीबत है।न खुद पढता है, न मुझे पढने देता है।जब देखो परेशान करते रहता है। आने दे पापा को।आज तुझे डांट लगवाती हूं ।"
"दीदी गुस्सा क्यों हो रही है?मैं तो तुझे एक चीज दिखा रहा था।नहीं देखना है तो मत देख।बाद में यह मत कहना -- बताया नहीं।मैं तो तुझे गिफ्ट देने के लिए कुछ खरीदकर लाया था।"
भाई के मुंह से गिफ्ट की बात सुनकर बहन खुशी से चिहक कर पीछे पलट कर देखी।भाई के हाथों में कैडबरी का बड़ा पैकेट देख उसकी आंखें खुशी से चमक उठी। वह भाई को प्यार से अपने पास बुलाते हुए बोली "जरा दिखा तो बाबू। इधर लाना तो।"इस पर भाई हाथ पीछे खींचते हुए बोला  "अभी नहीं दिखाऊंगा। कल जब तू राखी बांधेगी ना, तब मैं तुझे यह गिफ्ट दूंगा।पर इसमें से मुझको भी देना खाने के लिए।तुझे देने के लिए ही मैं पापा से खरीदवाया हूं।"
भाई की बातो पर बहन को रत्तीभर भी विश्वास नहीं हुआ।दरअसल हमेशा गिफ्ट देकर वह वापस छिन लेता था।यहीं याद कर वह मुस्कुराते हुए पूछी "सच में तू मुझे ही देगा न?या फिर वापस लेने के लिए रोने लगेगा।तेरा कोई भरोसा नहीं।"
भाई हंसते हुए आश्वस्त किया कि गिफ्ट उसे ही देगा।फिर कुछ सोचते हुए पूछ बैठा " दीदी एक बात बता।बहन भाई को राखी क्यों बांधती है?"
"अरे बुद्धू इतना भी नहीं जानता है? भाई बहन की रक्षा करता है ना ।इसलिए बहन भाई को राखी बांधती है और भाई उसे गिफ्ट देता है।"
"पर मैं तो तुमसे छोटा हूं। देख ना ?" कहते हुए बहन के बगल में खड़ा होकर अपनी लंबाई नाप कर दिखाते हुए बोला  " मैं तुम्हारी रक्षा कैसे कर सकता हूँ? मैं तो तुझसे बहुत छोटा हूं।एकदम पिद्दा सा हूँ ।जब राहुल मुझसे लड़ता है--- तब तू ही तो मुझे उस से बचाती है,है कि नहीं?बोलो?" भाई की बातें सुनकर बहन झुंझला गई और गुस्से में पूछ बैठी " साफ-साफ बता न-- तू कहना क्या चाहता है?"
"दीदी मेरी रक्षा तो तू करती है ।इसलिए मैं तुमको राखी बांधूगा और तुम मुझे गिफ्ट देना ठीक है ना?"
"मैं समझ गई तुझे चाकलेट देखकर लालच आ गई ।राखी बहन बांधती है इसलिए मैं ही बांधूगी।" बात करते करते दोनों भाई बहन आपस में झगड़ने लगे। दोनों को लड़ते देख कर पास में बैठी उसकी दादी झगड़ा सुलझाते हुए सलाह दी कि दोनों भाई बहन एक दूसरे को राखी बांधे और गिफ्ट आपस में मिलकर आधा आधा बांट ले।" दादी की सलाह दोनों बच्चों को बहुत अच्छी लगी। वो झगड़ा छोड़ कर कैडबरी के पैकेट में रखे छोटे-छोटे चॉकलेट अकाउंट करना शुरू कर दिए और तय करने लगे कि कल आधा-आधा आपस में बांट लिया जाएगा।भाई बहन दोनों खुश होकर दादी से लिपट गए।

*डुमरांव, जिला- बक्सर ,बिहार
 

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