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श्याम सँग झूला झूलें,प्यारी राधा रानी
July 19, 2020 • ✍️सुषमा दीक्षित शुक्ला • कविता

✍️सुषमा दीक्षित शुक्ला

आज श्याम सँग झूला झूलें,प्यारी राधा रानी।
सावन पर भी यौवन छाया, झमझम बरसे पानी ।

हरा भरा हरियाला मौसम,भीगा भीगा तन मन है ।
राधाकिशन की प्रीति देखकर, हर्षित सारा उपवन है ।

नाच रहीं यमुना की लहरें,कितनी सुन्दर थिरकन है ।
धरती अम्बर एक हुए हैं ,पावस विह्वल जोगन है ।

दशों दिशाएं झूम रही हैं ,मादकता मे मधुबन  है ।
मोर पपीहा पँछी गाये ,जैसे पागल  विरहन  है ।

कोमल किसलय जैसी राधा ,डूब गयी है मोहन में ।
जगमोहन भी  डूब गये हैं,राधा के  सम्मोहन  में ।

सखियाँ सारी बाट जोहती,अपनी अपनी बारी की ।
स्वयं प्रकृति भी दृश्य देख यह,गर्वित है  सुकुमारी सी ।

मोहन जैसा प्रियतम पाकर ,धन्य हुई राधा  रानी ।
राधा बिना कृष्ण भी आधा, बात सभी ने ये मानी ।

अटल प्रेम का अद्भुत बन्धन ,राधा कान्हा की दीवानी ।
अमर प्रेम इतिहास रचाया ,हुई अमर ये प्रेम  कहानी।।

*लखनऊ (उ.प्र.)

 

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