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सेंक लो रोटियां धरती माता की गोद में 
June 4, 2020 • सुनील कुमार माथुर • कविता
*सुनील कुमार माथुर
सेंक लो रोटियां धरती माता की गोद में 
आसमान से बरसती आग के कारण 
हर कोई परेशान है 
मौसम की मार को देखों 
इंसान को मौत के किनारे छोड दिया है 
इस गर्मी के मौसम ने तो
पिछ्ले सारे रेकार्ड तोड दियें है 
अगर सूरज देवता 
यूं ही आग बरसातें रहें तो
इंसान क्या पशु-पक्षी भी
बेहाल हो जायेंगे 
सेंक लो रोटियां धरती माता की गोद में 
बढता तापमान 
जमीन पर सिकती रोटियां 
हे  ईश्वर  ! यह किस बात की 
तू सजा दे रहा है 
इधर बढता तापमान 
आसमान से बरसती आग से
हर कोई परेशान है 
ऊपर से पानी की किल्लत कर
तू किस बात का बदला ले रहा है 
इधर गर्मी का कहर है
उधर इंसान पानी को भटक रहा है 
सेंक लो रोटियां धरती माता की गोद में 
*जोधपुर राजस्थान
 

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