ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
रोशनी, सिर्फ़ एक दिन क्यों (कविता)
October 14, 2019 • admin
*कोमल वाधवानी'प्रेरणा*
दीपावली ने
धर्म ने
लक्ष्मी ने
आख़िर किसने ?
तुम्हारे घरों के नहीं
तुम्हारे हृदय के कपाट
तुम्हारे बंद चक्षुओं के द्वार
खोल दिए हैं।
परंतु , सिर्फ़ एक दिन के लिए।
क्यों, तुम सबकी आँखों में
रोशनी के दीये जल रहे है ?
खु़शी का दिवस
हर तरफ
अंदर और बाहर,
यह रोशनी
सिर्फ़ एक रोज़ के लिए
क्यों है ? क्यों ?
*कोमल वाधवानी'प्रेरणा,उज्जैन , मो9424014477

शब्द प्रवाह में प्रकाशित आलेख/रचना/समाचार पर आपकी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया का स्वागत है-

अपने विचार भेजने के लिए मेल करे- shabdpravah.ujjain@gmail.com

या whatsapp करे 09406649733