ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
रक्तबीज कोरोना महामारी 
April 19, 2020 • प्रीति शर्मा असीम • कविता

*प्रीति शर्मा असीम

आओ सुनाऊं ........
तुम्हें कहानी ऐसे महा विनाश की ,
कोई देश बच ना सका ,
उस रक्तबीज कोरोना की ऐसी मार थी।
 
आओ सुनाऊं ......तुम्हें कहानी ऐसे महा विनाश की ,
 
छूने से ही फैल गया ,
एक देश से दूसरे देश गया ।
लाखों को ही मार गया।
भय का कर ,ऐसा संचार किया।
 
जीवन पर ऐसा वार किया।
उस रक्तबीज कोरोना ने हर कहीं विनाश किया ।
 
अर्थव्यवस्था पर घात किया ।
धर्म भी ना बच सका इससे, इंसानियत पर ऐसा आघात किया।
 
आओ सुनाऊं .......... तुम्हें कहानी ,
ऐसे महाविनाश की ,कोई देश बच ना सका। 
उस रक्तबीज  कोरोना की ऐसी मार थी ।
 
लोगों को घर में बंद किया ।
गरीबों को बेघर किया ।
खड़ी फसल सड़ गई खेतों में,
 मेहनत को बेरंग किया ।
 
आओ सुनाऊं..... तुम्हें कहानी ।
ऐसे महाविनाश की,
कोई देश बच ना सका ।
उस रक्तबीज कोरोना की ऐसी मार थी।
 
एकजुट  होकर विश्व खड़ा था।
रक्तबीज कोरोना हर कोई लड़ा था।
 
*प्रीति शर्मा असीम,नालागढ़,हिमाचल प्रदेश
 

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/ रचनाएँ/ समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखे-  http://shashwatsrijan.com