ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
राखी धागा नहीं है
August 2, 2020 • ✍️रश्मि वत्स • कविता

✍️रश्मि वत्स

राखी ! मात्र ये धागा नही है ,
यह बंधन है भाई -बहन के स्नेह का।
जाने कितनी दुआओं का समावेश है,
इसमें बहनों के आशीर्वाद का ।।

रक्षाबंधन सा पावन बंधन,
सदियों से है पुज्यनीय ।
जाने कितने पौराणिक कथाओं का,
इतिहास में मिलता है वर्णन ।।

परंतु आज के युग का सत्य यही है,
अपना वजूद खो चला यह रक्षासूत्र ।
बहनों के ही भाई हैं होतें,
जो खींचते हैं बहनों के ही वस्त्र ।।

मानवता हो रही शर्मसार है ,
लाज बचाने को कोई नही तैयार है।
घृणित मानसिकता के दम पर ही ,
तो फैला हर तरफ व्यभिचार है ।।

पुत्री होने पर कभी मातम न मनता,
गर यहाँ कोई पुरूषार्थ न खोता ।
रक्षासूत्र की पवित्रता पर ,
यूं प्रश्न चिन्ह कदापि खड़ा न होता ।।

सगे खून के रिश्ते का ही नही ,
रक्षाबंधन का यह पर्व है होता ।
अपितु प्रत्येक स्त्री-पुरूष का है यह बंधन,
जो इसकी मर्यादा है समझता ।।

*मेरठ(उत्तर प्रदेश)

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw