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मौसम पानीदार हुआ है
July 15, 2020 • ✍️अशोक 'आनन' • गीत/गजल
 
✍️अशोक 'आनन'
 
मौसम -
पानीदार हुआ है ।
 
हृदय -
बगुला - पंखी उज्जवल ।
गंगा - जल - सा -
निर्मल      -       निर्मल ।
 
प्राणों का -
आधार हुआ है ।
 
श्रद्धा -
सबके  मन  में  उपजी ।
फिर से -
नभ की शोभा  निखरी ।
 
रूखा मन -
आषाढ़ हुआ है ।
 
माॅस्क पहनने -
मेघ        अड़े       हैं ।
पी. पी. ई. पहन -
पेड़       खड़े       हैं ।
 
लाॅक  डाउन -
बाज़ार हुआ है ।
 
मक्सी ,जिला - शाजापुर ( म.प्र.)
 

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