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मैंनें  देखा सच  कहते  है
June 26, 2020 • टीकम चन्दर ढोडरिया • कविता

*टीकम चन्दर ढोडरिया

सोन परी उसको कहते है
मैंनें  देखा सच  कहते  है
           ***
सुमन खिले उसके गालों पर
बातों  में  मोती  झरते  है
            ***
घुल जाती खुशबू मौसम में
बाल हवा में जब उड़ते है
              ***
घुलता उबटन जब जब जल में
सागर  में  मोती  बनते  है
               ***
मन करता है छूलूँ उसको
मैला  होनें  से  डरते   है
                ***
बदलेंगे दिन यह बदलेंगे
हम सुनते है वह कहते है
               ***
कैसे कहदे हम है मानव
यह कहते भी अब डरते है
                    ***
कितना भी भूलूँ मुश्किल है
रह रह घुँघरू बज उठते है
            ..***
नदी किनारें छाँव नीम की
आओं चल  बातें करते है
             ***
*छबड़ा जिला बारां राजस्थान
 

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