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मैंने  जीवन  सारा  बिताया  तुझे  प्यार  करते - करते 
May 15, 2020 • प्रेम बजाज • कविता
*प्रेम बजाज
मैंने  जीवन  सारा  बिताया  तुझे  प्यार  करते - करते 
बस  बन जाऊं तेरी प्यारी तुझे प्यार  करते -करते।
 
ग़म  नहीं  इस बात का  कि तुमने की  बेवफ़ाई  है
मौत की चौखट पे रखेंगे सर तेरा इन्तज़ार करते-करते ।
 
वल्लाह  कभी  तो   लिया  करो   ख़ैर -ख़बर   हमारी 
थम ना  जाएं सांसें  हमारी , तुम्हारा इन्तजार करते-करते ।
 
अभी भी खिला है फूल आशा का उर आंगन की बगिया में 
बांधों आस की डोर , खिला दो हृदय कमल प्यार करते-करते ।
 
ढाई आखर  *प्रेम*  में छुपा रहता  अर्थ  बहुत  भारी  है 
कह दो  लबों से अपने जी लेंगे हम इकरार करते - करते ।
 
*प्रेम बजाज, जगाधरी ( यमुनानगर ) 
 

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