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महंगाई मोदीजी धीरे धीरे
December 15, 2019 • अजय कुमार व्दिवेदी • गीत/गजल

*अजय कुमार व्दिवेदी*
 
पढ़ लिख कर हैं घर में बैठे, मिलता न रोजगार।
रान परोसी ताना मारे, कहते हैं बेरोजगार। 
मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।
 
कहीं पे जनता भूख से मरती, कहीं कोई बीमारी से।
महंगाई के चलतें हो गई, जनता अब लाचार।
मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।
 
विकास की राह पे चलते-चलते, डूब गई जी नैया।
छोटे व्यापारी का भी, अब बन्द हुआ व्यापार।
मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।
 
बेरोजगारी के चलते, पहलें ही कड़की छाई है।
उस पर बढ़ गई महंगाई, हुई प्याज सवा सौ पार।
मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।
 
त्राहि-त्राहि करती अब जनता, दिखता नहीं विकास।
फिर भी छाती चौड़ी करके, बोल रही सरकार।
मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।
 
*अजय कुमार व्दिवेदी
सोनिया विहार दिल्ली 
 
 
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