ALL लॉकडाउन से सीख कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
माना समय है संकट का
April 5, 2020 • आशु द्विवेदी • कविता

*आशु द्विवेदी
माना समय है संकट का।
पर विचलित हमें ना होना है ।
देश है बडे मजबूत हाथों में।
तनिक भी ना हमें घबराना है।
मदद माँगी है राजा ने।
तो प्रजा को साथ निभाना है।
कोरोना को हराने के लिए।
कुछ दिन और घर में। 
हमें अभी रहना है ।
एक निवाला खुद खा कर। 
दूजा निवाला भूखे को खिलाना है ।
 मदद करनी है गरीब की।
अपना गुणगान नहीं हमें करना है
देश नही ये घर है हमारा। 
हम सब को मिल कर इसे बचाना है। 
पाँच अप्रैल की रात को। 
सभी भारतवासी को। 
अपने अपने दरवाजे पर। 
दीपक एक जलाना है। 
 
*आशु द्विवेदी, दिल्ली
 

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/ रचनाएँ/ समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखे-  http://shashwatsrijan.com