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माहौल बदल देगा आईपीएल में बाबा का आगमन
August 12, 2020 • ✍️सुशील कुमार 'नवीन' • व्यंग्य

✍️सुशील कुमार 'नवीन'

90 के दशक में गावों में क्रिकेट खेलने की शुरुआत हुई थी। महंगा खेल था इसलिए चाहे बैट(बल्ला) लाना हो या कॉर्क वाली बॉल। सांझा योगदान देना पड़ता था। ईंटों से विकेट बना लेते थे। पेड , हेलमेट की कोई जरूरत नहीं मानी जाती थी। एकाध को चोट भी लगी तो घर बताई नहीं जाती थी। सब का सांझा योगदान था। मिलजुलकर ही खेला जाता था। इस दौरान गावों में प्रतियोगिताएं भी होने लगी थी। इसके लिए चंदा लेना ही एकमात्र साधन था। मुझे याद है कि गाँव के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया। अब इसके लिये धन जुटाना भी जरूरी था। टीवी पर क्रिकेट मैच देखते थे तो विज्ञापन आदि का पता चल गया था। सो इसी तरीके से प्रतियोगिता कराने पर सहमति बनी। प्रतियोगिता के ईनामी कप के लिए चाचा के हामी भरने पर प्रतियोगिता का नाम मेरे दादा के नाम पर एनडी कप रख लिया गया। क्रिकेट किट के लिए गाँव के एक मास्टर जी को मनाकर बैट और किट का कवर उनके नाम को समर्पित कर दिया गया। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के जलपान के लिए एक दुकानदार की जिम्मेदारी तय हुई। प्रतियोगिता में रोमांचकता लाने के लिए चौके, छक्के, हैट्रिक, विकेट पर इनाम भी दिया जाना था। चाचा ने इसके लिए भी हामी भर ली। चौके और विकेट के लिए 1 रुपया, छक्के के लिए 2,  हैट्रिक के लिए 5 रुपये तय किए गए। शर्त यही कि चौका- छक्का लगे तो कमेंटेटर को बोलना था-ये लगा 'एंडी' (नारायणदास) चौका/छक्का। विकेट गिरे तो फलाने ने ली 'एंडी' विकेट। इसी तरह हैट्रिक पर 'एंडी' हैट्रिक। पूरी प्रतियोगिता में दादा का नाम छाया रहा। प्रतियोगिता बेहतर तरीके से संचालित हो गई और भविष्य के आयोजनों की प्रेरणा दे गई।

आप लोग सोच रहे होंगे कि इतिहास हो चुके इस प्रसंग को आज याद करने की जरूरत कैसे आ पड़ी। चीन विरोधी माहौल के बीच बीसीसीआई ने आईपीएल टाइटल स्पॉन्सरशिप से वीवो (मोबाइल चीनी कंपनी) को हटा दिया है। अब नए स्पॉन्सर को तलाशा जा रहा है। सुना है अपने बाबा रामदेव पतंजलि को स्पॉन्सर बनाने के मूड में है। यदि ऐसा संयोग बन गया तो आईपीएल में बाबा जी के सभी प्रोडक्ट छाए रहेंगे। खिलाड़ियों की टी-शर्ट पर जहां वीवो आईपीएल लिखा होता था वहां पतंजलि आईपीएल लिखा जाएगा। चौका लगाने पर कमेंट्री में सुनाई पड़ेगा-ये लगा शानदार 'आरोग्य बिस्कुट' चौका। छक्के पर आवाज सुनाई देगी। मिडविकेट के ऊपर से शानदार पतंजलि 'मूसली पाक' छह रन। विकेट लेने पर बॉलर का हौसला शानदार 'दन्तकान्ति विकेट' की आवाज बढ़ाएगी। हैट्रिक पर बाबा जी के स्पेशल च्यवनप्राश का अधिकार रहेगा। चीयरलीडर्स की जगह हर चौके-छक्के या विकेट पर बाबा जी अपने पेट को गोल-गोल घुमाने वाली अनमोल यौगिक क्रिया करके दिखाएंगे।  मैन ऑफ द मैच में लौकी,आंवला,करेला, एलोवेरा,गिलोय रसों का छह माह का पैक मिलेगा। साथ ही तीन दिन हरिद्वार में बाबा से योग सीखने का अवसर अलग से। मैन ऑफ द सीरिज में गाय के शुद्ध देशी घी के 5 कनस्तर के साथ चवयनप्राश का 12 डिब्बों वाला पैक रहेगा। आप माने या ना माने बाबा जी क्रिकेट में आ गए तो सब कुछ बदलकर रख देंगे। लोग धोनी का हैलीकॉप्टर शॉट भूल जाएंगे। बाबा जी का अनुलोम विलोम सुर्खियों में आ जायेगा। बुमराह की बूम-बूम की जगह बाबा जी की धूम-धूम रहेगी। कुलदीप-युवी की फिरकी की जगह बाबा जी की गुलाटी(गोल-गोल घूमना) याद रहेगी। आप चाहे महसूस करे या न करें मैं तो इस दृश्य को अभी से महसूस करने लगा हूँ। साफ तय है आईपीएल में बाबा का आगमन पूरा माहौल बदलकर रख देगा।

*हिसार
 

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