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कोरोना बाबा की जय
April 4, 2020 • डॉ .अनिता सिंह • कविता

*डॉ .अनिता सिंह
कोरोना बाबा चारो ओर तेरी जय है
तेरे कारण पूरी दुनिया में व्याप्त भय है।
तेरे ही कारण इंसान में इंसानियत का भाव है।
तो कहीं धर्म के नाम पर तबलीगी जमात है।
डॉक्टर, नर्स सब तुमसे हैरान परेशान हैं।
तुम्हें इंसानों से ही क्यों इतना लगाव है।
बढ़ाते हो तुम कहीं अपनो के बीच में दूरी ।
कहीं हैं घर के अंदर रहने की मजबूरी।
दिन पर दिन हो रही है तेरी संख्या दुगनी ।
चारो ओर अफवाह फैल जाती है चौगुनी ।
सोचो 130 करोड़ भारतीयों का क्या होगा ।
तुमने तो पहन लिया अब मुस्लिमों का चोला।
तुम अण्डमान से लेकर बंगाल तक पहुँच गये ।
जीतते भारत को क्यों पीछे ढकेल गये।
तेरे ही कारण आया नया शब्द भंडार है ।
तुझसे ही तो क्वारेनटाइन, आईसोलेट,
पेनीडेमिग तबलीगी़, मरकज़ ,ज़मात है ।

*डॉ .अनिता सिंह
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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