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जीवन में आया है तो सदा मुस्कराता  चल
March 29, 2020 • पुखराज पथिक • कविता

*पुखराज पथिक

जीवन में आया है तो सदा मुस्कराता  चल ,

शूल मिले गर राह मे उनको तू हटाता चल ।
नफ़रतों से न कुछ हासिल होगा अब यहाँ, 
प्रेम के दीप जला रोशनी बिखराता चल ।
कामयाबी होगी एक दिन कदमों में तेरे ,
बस दुनियां को अपना बनाता ही चल।
जख्म ये कही नासूर न बन जाएं कही, 
प्यार का मरहम उस पर लगाता चल ,
सारे  गमों को  अपने भूल जा अब  तू
गीत खुशियों के सदा गुनगुनाता चल ।
रिश्ते  बामुश्किल  से मिलते जमाने में ,
चाहे जैसे भी हो बस उनको निभाता चल ।
भटका हो पथिक  गर राह से कोई  ,
मंजिल तक उसको  तू पहुंचाता चल ।
खामियां ओरो में ढूंढना बंद  भी कर, 
खामियां अपनी सबको  बताता चल ।
 
*पुखराज पथिक, नागदा
 

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