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जय  गणेश  देवा
August 20, 2020 • ✍️अशोक 'आनन'  • गीत/गजल

✍️अशोक 'आनन' 
 
जय गणेश !  जय गणेश !!  जय गणेश देवा !!!
जनता  सारी  भूख़ी  मरे  ;  गधे   खाएं   मेवा ।
 
कुर्सी   के   खेल   में  ;
अंधे      हुए      नेता ।
वादों   की  नाव  को ;
कोई    नहीं     खेता ।
 
माॅंझी     के     बदले   ;    हुए    ज़ान    लेवा ।
जय गणेश !  जय गणेश !!  जय गणेश देवा !!!
 
एक  नहीं  ,  दो   नहीं ;
सब           भ्रष्टाचारी !
ज़ुल्म  इनके  सह रही ;
जनता            बेचारी ।
 
ग़रीबों   के   ख़ून    से   ;   ये    करें    कलेवा ।
जय गणेश !  जय गणेश !!  जय गणेश देवा !!!
 
प्यासों को लोटा देत  ;
भूख़ों    को    थाली ।
चमचों को मौका देत  ;
औरों    को    गाली ।
 
चुनावों   के   वक़्त  पर  ;  ये  करें  देश  सेवा ।
जय गणेश !  जय गणेश !!  जय गणेश देवा !!!
 
*मक्सी,जिला - शाजापुर ( म.प्र.)
 

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