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हरियाली तीज हैं आई
July 22, 2020 • ✍️निशा झा • कविता

 ✍️निशा झा
 
रूनक - झूमक, छम - छम छमके 
सखियाँ देती सब को बधाई! 
गमक - गमक, गम गम के 
घर - घर बने मिठाई
हरियाली तीज हैं आई, 
 
घर आंगन सब सजे - धजे हैं, 
सिंजारे की धूम मचे है! 
नई नवेली दूल्हन की सब लेते हैं बलाई
हरियाली तीज हैं आई!! 
 
गौरी संग शंकर जी साजे, ढोल - मजिंरे, झाल बाजे 
सखियों के सौभाग्य जागे पुष्पित रहे 
पल्लवीत जीवन भजन करें
हरियाली तीज आई! 
 
चहूं ओर मनुहार करे सब, मेहंदी संग रचीं कलाई, 
सास - ससुर, ताई - ताया के मान हे बड़ाई! 
घी के घेवर बने जा रहें, उस पर चढीं मलाई! 
घर मे चहल-पहल हैं, छाई 
हरियाली तीज है आई
 
बच्चों में उल्लास भरा है, भाभी करें देवर की करें खिचाई! 
सज-धज कर सखियों संग झूमे सब 
नन्द - भौजाई हरियाली तीज है!! 
आई, हरियाली तीज है आई....
 
*जयपुर राजस्थान
 

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