ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
हम जश्न मनाएं
August 15, 2020 • ✍️अशोक 'आनन' • गीत/गजल

✍️अशोक 'आनन'
 
पूर्ण हुए संकल्पों का -
आओ , मिलकर  हम  जश्न मनाएं ।
 
आगत का स्वागत कर -
आज  हम  नए  संकल्प लें ।
मानव - सेवा  के   हम -
एक नहीं , कई विकल्प लें ।
 
नंगा रहे , न कोई भूख़ा सोए -
आओ   ,    ऐसा    देश     बनाएं ।
 
बीत गया सो बीत गया -
उसकी  यादों  में  न खोएं ।
हर चेहरे पर हों मुस्कानें -
कोई ज़रा भी अब न रोए ।
 
खुशियों के हम तोहफ़े देकर -
दु: ख  को  घर  से  बाहर  भगाएं ।
 
भूख़ पेट में फिर न पनपे -
कंठ किसी का हो न सूखा ।
दिल किसी के प्रति हमारा -
पत्थर  जैसा  हो  न रूखा ।
 
दरवाजों पर न तम पसरा हो -
आओ , उन पर फिर दीप जलाएं ।
 
संबंध , संबोधन  हों  न  जाएं -
अपनेपन की उनको थपकी दें ।
रिश्तों की सूख चुकी दूबों को -
हम प्यार की फुहारें अबकी दें ।
 
नेह की लय में गीत पिरोकर -
सुर - ताल    की    गंग    बहाएं ।
 
*मक्सी ,जिला - शाजापुर ( म.प्र.)
 

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw