ALL लॉकडाउन से सीख कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
हाल बताता संग्रहालय
May 16, 2020 • रामगोपाल राही • कविता

*रामगोपाल राही   
 
यादों का अनमोल खजाना ,
सचमुच होता संग्रहालय |
पूर्वजों की संस्कृति का ,
हाल बताता संग्रहालय ||
 
विकसित होती सोच देख कर ,
बोध बढ़ाता संग्रहालय |
होता है संस्थान अनूठा ,
सचमुच समझो संग्रहालय ||
 
संग्रहालय में रखी वस्तुएँ -
देखें  अचरज होता है |
मिले प्रेरणा आत्मबोध हो ,
मन चेतन्य  होता है ||
 
मानव सभ्यता की वस्तुएँ
कई अनोखी मिलती है |
चकित करती कई वस्तुएँ 
देखें अच्छी लगती है ||
 
भूतकाल व वर्तमान की 
बात बताता संग्रहालय |
वस्तु संग्रह अद्भुत सचमुच , 
ज्ञान बढ़ाता संग्रहालय ||
 
याद दिलाती कई वस्तुएँ ,
मानव सभ्यता की वहाँ |
ऐतिहासिक कई धरोहर ,
बतलाती  इतिहास वहाँ||
 
शिलालेख ,कई मूर्तियाँ व ,
कई वस्तु अवशेष वहाँ |
सिक्के मिलते   कई पुराने ,
खंडित बर्तन मिले वहाँ ||
 
पुराने   -हथियार -संग्रहित ,
बंदूकें  -तलवार वहाँ |
छुरी ,ढाल शमशीर व बल्लम ,
भाले देखो तोप वहाँ ||
 
कई वस्त्र पुराने दिखते ,
रंग रंगीले छपे हुए |
पहना करते नृप ,बादशाह , 
वस्त्र अनोखे टके हुए ||
 
पशु पक्षी आकृति चित्र भी ,
मिलते  -संग्रहालय में |
चित्रकारी ,-प्राचीन अनूठी ,
संग्रहित -संग्रहालय में ||
 
जन जन होता  लाभान्वित ,
देख देख के संग्रहालय |
विरासतों के संरक्षण का ,
केंद्र अदभुत  संग्रहालय ||
 
शिक्षा अध्ययन में उपयोगी ,
सचमुच समझो संग्रहालय |
मनोरंजन भी हो जाता है ,
देख देख के संग्रहालय ||
                             
*रामगोपाल राही लाखेरी,जिला बूँदी (राज)
 
साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखे- http://shashwatsrijan.comयूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw