ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
गुरू का महत्त्व ना हो कम
September 4, 2020 • ✍️प्रेम बजाज • कविता
✍️प्रेम बजाज
मात-पिता की मुरत आप हो
ईश्वर की सुरत आप हो ‌।
कोरा कागज़ होता मन हमारा ,
उस पर ज्ञान का पाठ लिखाते आप हो ।
जब सब दरवाज़े बंद हो जाते ,
नया रास्ता आप दिखाते ।
सदाबहार फूलों सा खिलकर महकाते आप,
ज्ञान का भंडार प्रदान करते आप ।
धैर्यता  का पाठ पढ़ाते ,
संकट में हंसना सिखाते ,
नफ़रत पर विजय सिखाते ,
शांति का आप पाठ पढ़ाते ।
अच्छा - बुरा , पाप - पुण्य का
भेद सिखाते आप ‌।
जल करके दीप की भांति
ज्ञान की जोत जलाते आप ,
दे कर विद्या दान हमें ,
अज्ञान को हर लेते आप ।
गुमनामी के अंधेरों से निकाल कर
पहचान बनाते आप,
करते शुरवीरो का निर्माण
इन्सान को इन्सान बनाते आप  ।
गुरू का महत्त्व ना हो कम
चाहे कितनी तरक्की कर लें हम ।
पड़ जाए अम्बर  भी छोटा
लिखने जो बैठे गुरू की महिमा हम ।
 
*जगाधरी ( यमुनानगर ) 
 

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw