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एकता का दीप जलाइये
November 12, 2019 • राजेश पुरोहित • कविता

*राजेश पुरोहित*

आइये कौमी एकता का  दीप जलाइये।
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई एक हो जाइये।।
 
राष्ट्र के विकास की बात को समझाइये।
जाति मजहब पन्थ के फसाद भूल जाइये।।
 
एक रंग खून का  है सभी को  ये  बताइये।
यूँ ही व्यर्थ की लड़ाई में वक्त न बिताइये।।
 
विविधता में एकता का दिव्य संदेश फैलाइये।
अखण्डता  व एकता की फिर मिसाल बनाइये।।
 
एक महाशक्ति हिन्दुस्तान  को फिर से बनाइये।
हर हाथ को रोजगार कैसे मिले  सबको बताइये।।
 
गीता बाइबिल कुरान गुरुग्रंथ सबको पढ़ाइये।
मानव को अब थोड़ी सी इंसानियत सिखाइये।।
 
वसुधैव कुटुम्बकम की सब में भावना जगाइये।
मानव धर्म  है सबसे ऊँचा दिल मे इसे  बसाइये।।
 
*राजेश पुरोहित,भवानीमंडी
 

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