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दूध  से  जो  कभी  जला  होगा
September 23, 2020 • ✍️हमीद कानपुरी • गीत/गजल
✍️हमीद कानपुरी
दूध  से  जो  कभी  जला  होगा।
छाछ  भी  फूँक  पी  रहा  होगा।
 
काम  छोटे  करो ज़रा  मिल कर,
काम  कोई    तभी  बड़ा   होगा।
 
साथ  चलता   न  जो  बुराई  के,
साथ  उसके  नहीं   बुरा   होगा।
 
तब लगेगा ज़रा अधिक दमखम,
हाथ  परचम  अगर  बड़ा  होगा।
 
कारवां छोड़ कर  गया  जो कल,
आज दर दर  भटक  रहा  होगा।
 
*कानपुर
 

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