ALL कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
दो शराबी
August 24, 2020 • ✍️सुरेश सौरभ • कहानी/लघुकथा

✍️सुरेश सौरभ

दो शराबी आधी रात में झूमते-गाते जा रहे थे।
एक सुरूर में बोला-अगर मैं लड़की होता तो पूरे मोहल्ले के शोहदों को लाइन देता।
दूसरा मस्ती में बोला-अगर मैं लड़की होता तो पूरे शहर के लड़कों पर मरता।
तब तक कुछ पुलिस वाले उन्हें मिल गये। दोनों को रोका। अता-पता पूछा। दोनों लड़खड़ाती जुबानों से कुछ सही न बता पा रहे थे। पुलिस ने उन्हें उठाकर थाने में पटका। फिर बेतों से स्वागत करके दड़बे में बंद कर दिया।
सुबह जब उनका नशा हिरन हुआ, तब उनकी पड़ताल की और उन्हें छोड़ते हुए कहा-पड़ गये दोनों पुरूष अगर कहीं दोनाें महिला होते तो, पूरा थाना इतनी मोहब्बत तुम्हें करता कि कहीं मुंह दिखाने के लायक न बचते।
अब दोनों शराबी भागते हुए जा रहे थे और कह रहे थे-अल्लाह किसी को औरत न बनाए।
*लखीमपुर खीरी,उत्तर प्रदेश 
 

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw