ALL लॉकडाउन से सीख कविता लेख गीत/गजल समाचार कहानी/लघुकथा समीक्षा/पुस्तक चर्चा दोहा/छंद/हायकु व्यंग्य विडियो
देश प्रेम
June 23, 2020 • रश्मि वत्स  • कविता


*रश्मि वत्स 
देश को अपने न झुकने देंगें।
इस आंधी को अब न रूकने देंगें।
माटी से लहू को सींचकर,
शहादत का गुल खिलने देंगें।

देश के अपने तो पहरा होगा।
गद्दारों पर घाव गहरा होगा।
घुसकर उनके घर भीतर,
तिरंगा फतेह का लहराना होगा।

दुश्मन की बातों को मान दिया है।
सदैव ही जीवनदान दिया है।
छल-कपट से फिर भी उसने,
सीने में खंजर घोप दिया है।

इस गद्दारी की कीमत अब उसे चुकानी है।
अब तो उसको औकात दिखानी है।
धूल चटायेंगें हम उसको ,
मन में अब यह ठानी है।
*मेरठ(उत्तर प्रदेश)

अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।

साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com

यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw