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बेटी बचाओं
November 17, 2019 • संजय वर्मा 'दॄष्टि' • कविता

*संजय वर्मा 'दॄष्टि'*
बेटी बचाओं ओ दुनिया वालो
बाबुल करता है अब ये गुहार
दुनिया रहेगी जब होगी बेटी
कहती है ये माँ की पुकार
*
खिल जाते है मन सभी के
बिटियाँ हो हर घर सभी के
दुःख दूर होगा सुख होगा पास
बस करना तुम सबपे ये उपकार
बेटी बचाओं ...................
*
पायल बजेगे अब हर घर अंगना
बिटियाँ से घर ना होगा सुना
माँ अब अभी ना होना उदास
होगी रोनक बिटियाँ से हर द्वार
बेटी बचाओं .....................
*
अब कभी गीत होंगे ना सुने
श्रृंगार को कोई अब ना छीने
ऐसा संकल्प लेवे सब हम आज
बिटियाँ करे इस जग पर राज
बेटी बचाओं ....................
*
*संजय वर्मा 'दॄष्टि', शहीद भगत सिंग मार्ग,मनावर (धार )

 

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