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बस घर में रहिये  हुजूर लॉक डाउन में
May 4, 2020 • प्रेम पथिक • गीत/गजल

*प्रेम पथिक

बस घर में रहिये  हुजूर लॉक डाउन में
ये कोरोना हारेगा जरूर लॉक डाउन में

अब तक रखा धीरज थोड़ा और रक्खो
जीतबस दो कदम है दूर लॉक डाउन में

खिल उठेगी चेहरे पे वही मधुर मुस्कान
कोरोना होगा चकनाचूर लॉक डाउन में

देश में लौट आएगी फिर सभी खुशियां
रखे उम्मीद यही भरपूर लॉक डाउन में

कर रहा है अट्टहास चारों तरफ कोरोना
इसका टूट जाएगा गरूर लॉक डाउन में

सारी दुनिया में परचम लहराएगा हमारा
भारत हो जाएगा मशहूर लॉक डाउन में

ड्रिंक्स की दुकानों पर पाबंदी है तो क्या
लीजिए  चाय का सुरूर लॉक डाउन में

मिठाइयां देखने को भी नही मिलती है
खूब खाओ पिंड खजूर लॉक डाउन में

धनवानों की तो मौज हो गई आजकल
बेचारा भटक रहा मजूर लॉक डाउन में

शादी की धूमधाम ना मौत का तामझाम
आदमी कितना मजबूर  लॉक डाउन में

सब एक दिन भूल  जाएंगे  कोरोना को
उड़ जाएगा जैसे  कपूर लॉक डाउन में

*प्रेम पथिक , उज्जैन (म.प्र.)

 

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