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अप्रैल फूल
March 31, 2020 • संजय वर्मा "दॄष्टि " • कविता

*संजय वर्मा "दॄष्टि "

अप्रैल फूल
कही खिलता नहीं मगर
खिल जाता

मजाक के घर में 

एक अप्रैल को.

क्या ,क्यों ,कैसे ?
अफवाओं की खाद से और
उसे सींचा मगरमच्छ के आँसू से
लोगों ने इस अप्रैल फूल को
इसीलिए ये पौधा झूठ के गमले में
फल फूल रहा वर्षो से

लोग झूठ को भी सच समझने लगे
क्या अप्रैल फूल के बीज फैलने लगे है 

पूछे ,तो लोग कहते -हाँ

बस एक अप्रैल को ही दुकानों पर मिलते है
आप को विश्वास हो तो 

आप भी लगाने के लिए ले आए 
घर की बालकनी में और आँगन में
लोगो को जरूर दिखाए
आपके यहाँ एक अप्रैल का फूल खिला 
ताकि उन्हें कुछ तो विश्वास हो आप पर 
एक अप्रैल को भी
सुंदर सा फूल खिलता है
जैसे वर्षों बाद खिलता है ब्रह्म कमल
जिसे सब ने देखा है
मगर अप्रैल फूल
कभी नहीं देखा
शायद एक अप्रैल को ही हमे देखने का
सौभाग्य प्राप्त हो?

*संजय वर्मा "दॄष्टि ",मनावर जिला धार मप्र

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