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आधुनिकता का चलन रखना
June 10, 2020 • डॉ. नलिन • गीत/गजल

डॉ. नलिन
आधुनिकता का चलन रखना
पूर्वजों की भी कहन रखना
.
साँझ तक मन में सहेजे ही
भोर की शीतल तपन रखना
.
शून्य-सा रखना हृदय निशिदिन
भावनाओं की छुवन रखना
.
हाथ जलते हैं , जलें अपने
कर्म में नित नित हवन रखना
.
लौटकर परिवार में मन को
प्रेम में फिर फिर मगन रखना
.
रास्ता अच्छा कठिन होता
पर कठिनता में गमन रखना
.
हो कभी मिलना नलिन से तो
मत मुखौटों को पहन रखना
*कोटा,राजस्थान 
 
 

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