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फकत चाहते नाम(दोहे)
September 27, 2019 • admin
*हमीद कानपुरी*
सभी  दिखावा  कर  रहे , दिल से करें न काम। 
मिशन विज़न सब खेल हैं, फकत चाहते नाम।
 
कूड़ा करकट तो फकत , टुकड़ा टुकड़़ा  शैल।
छीन  रहा  है  ज़िन्दगी , मानव  मन का  मैल।
 
जाति वाद नस नस बसा , बहुत  पुराना रोग।
निकट इलेक्शन देखकर , चोले  बदलें लोग। 
 
भीगे   भीगे   ही  रहे , उस  दम  मेरे  नैन।
करबल के मज़लूम जब,आये याद हुसैन।
 
 देता नफरत को हवा , पानी अवसर खाद।
भारत भर में डोलता , फिरता नक्सलवाद।
 
*हमीद कानपुरी,179, मीरपुर, कैण्ट, कानपुर-208004मो.9795772415
 
 

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