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तर्पण धूप निवाले रखना(गजल)
September 23, 2019 • admin
 
*कमलेश व्यास 'कमल'*
 
तर्पण धूप निवाले रखना 
भावुकता पर ताले रखना। 
 
जीने में आसानी होगी 
कुछ साथी मतवाले रखना।
 
मुश्किल है अब इन ज़ख्मों से
आँसू बाले-बाले रखना।
 
"इसमें तेरी भी ग़लती है "
ऐसा कहने वाले रखना।
 
जितनी ख़ुशियाँ,घर में उतने 
छोटे-छोटे आले रखना।
 
बंद करो अब शहरी लोगों
माले ऊपर माले रखना।
 
लिखने में आसानी होगी 
घटनाओं को पाले रखना।
 
मत करना तुम बेघर इनको 
बूढ़े,बैठे-ठाले रखना।
 
दुख के कीट पतंगे मरते
मुस्कानो के जाले रखना।
 
आँखों की सुंदरता बढ़ती 
सुरमा यूँ हीं डाले रखना।
 
मरते दम तक मित्र 'कमल' तुम 
सपने भोले-भाले रखना।
 
*कमलेश व्यास 'कमल'उज्जैन 
 

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