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जैव विविधता संरक्षण
May 22, 2020 • रामगोपाल राही • कविता

*रामगोपाल राही
 
वनस्पति जीव धरा पर ,
सभी विशेषता दर्शाते |
जीव जंतु प्रजाति भिन्नता ,
जैव विविधता बतलाते ||
 
पेड़ प्रजाति वन वनस्पति ,
अभयारण्य धरती पर |
 यह धरती के आभूषण हैं ,
रहे हमेशा धरती पर ||
 
बिना पेड़ पौधों के समझो , 
बढ़े  रुग्णता धरती  की |
हरी भरी धरती हो सारी ,
सेहत सुधरे  धरती की ||
 
सबसे पहले जीव जंतु ही ,
समझो आए धरती पर |
जैव  विविधता सर्जक इन्हीं से ,
 रहे संतुलन है धरती पर ||
 
जैव विविधता संरक्षण की ,
समझो बहुत जरूरत है |
अगनित  जीव प्रजाति रक्षा ,
करना बहुत जरूरी है ||
 
हमसे पहले जीव जंतु सब ,
 आए पेड़ ही धरती पर |
सुंदरता  संग हवा साथ में ,
पेड़ ही लाए धरती पर  ||
 
 वन नदियाँ पर्वत व सागर ,
अंग है समझो सृष्टि  के |
वन वनस्पति जीव जंतु  सब  ,
कल पुर्जे हैं सृष्टि के ||
 
जीव जंतु की कई प्रजाति ,
नष्ट हुई व हो रही है |
जैव विविधता क्षति अपरिमित ,
समझो सचमुच हो रही है ||
 
जैव विविधता संरक्षण का ,
सबको अलख  जगाना है |
वन  वनस्पति जीव प्रजाति ,
सबको हमें बचाना है ||
 
*रामगोपाल राही लाखेरी 
 
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