हमें एआई को परिपक्व बनाकर इसका भरपूर इस्तेमाल करना है : डॉ. अनामिका चव्हाण ‘एआई और हिंदी भाषा के भविष्य की नई दिशा’ विषय पर ऑनलाइन गूगल मीट का आयोजन …
साहित्य क्रांति उद्यापन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह 27 सितंबर को भोपाल में मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली के लगभग 60 साहित…
पटकथा का मूल आधार बताओ नहीं दिखाओ - डॉ. रविंद्र कात्यायन भोपाल। साहित्य से अधिक सिनेमा ने हिंदी को लोकप्रिय बनाया, हिंदी भाषा के पाठ्यक्रम को लेकर वि…
उज़्बेकिस्तान में नई पीढ़ी निरंतर हिंदी के अध्ययन और शोध से जुड़ रही है - डॉ.मनीष कुमार मिश्रा भोपाल। 'उज़्बेकिस्तान में नई पीढ़ी निरंतर हिंदी के…
अनुवाद दो भाषाओं के बीच सेतु का काम करता है - सुभाष नीरव भोपाल।'अनुवाद दो भाषाओं के बीच सेतु का काम करता है लेकिन अनुवाद की अपनी सीमाएं होती हैं …
सोशल मीडिया कभी पत्रकारिता की जगह नहीं ले सकता - अनुराग त्रिपाठी भोपाल। 'सोशल मीडिया कभी पत्रकारिता की जगह नहीं ले सकता अखबारों पर तो नियंत्रण रख…
संस्कृति भाषा के बिना जीवित नहीं रह सकती : विनोद कुमार जैन भोपाल। संस्कृति भाषा के साथ जीवित रहती है। यदि भाषा पर संकट आया तो संस्कृति, संस्कार और पह…
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